Monday, August 26, 2019
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On page SEO checklist 2019 in Hindi

On page SEO Checklist 2018

On-Page SEO checklist 2019 in Hindi

नमस्कार दोस्तों आज हम जानेंगे कि On-page SEO क्या होता है? और ये हमारे Website या Blogs के लिए इतने जरूरी क्यों हो गए है? पिछले article में हमने SEO के basics के बारे में जाना. उसके Tactics और types के बारे में जाना और आज हम जानेंगे कि On-page SEO क्या होता है? 

तो चलिए शुरू करते है, On-page SEO checklist 2018 का ये article, जो हमें बहुत मदद करेगा अपने website को rank कराने में

On-page SEO checklist 2019 में हम अपने Website या Blogs को coding part के जरिये optimize करते है जैसे कि image को optimize करना, सभी तरह के tags का सही उपयोग करना, SEO friendly URL बनाना, Description का उपयोग और भी बहुत सी जानकारी हम आपको इस article में बताएँगे.

Title tag:

हमें अपने Title tag में अपना keyword use करना क्यूंकि जब कोई भी user कोई keyword type करता है तो crawler keyword match करता है और अगर आपका keyword match करता है तो आपके content को ऊपर ला सकता है, इसलिए हमें हमेशा title section में अपना keyword use करना चाहिए और याद रखे आप अपने title को 60 character से ऊपर ना ले जाये.

URL tag: 

हमें अपने Website या blog का URL simple रखना चाहिए जिससे की user आपके web page को देखकर समझ जाये कि आपका blog किस बारे में होगा और अपने URL में keyword का भी इस्तेमाल करना चाहिए.

 1.www.website.com/dhsdasoifjeo/adkfafi-fauufha-ff/j

 2.www.website.com/services/logo-services-in-your-city

ऊपर मैंने 2 अलग-अलग URL लिखा हुआ जहां पर 1st URL बहुत ही complicated है जिसे की user समझ नहीं पायेगा जबकि 2nd URL बहुत ही आसान है और आसानी से समझ में आ जायेगा कि ये web page किसके बारे में है.

Meta Description: 

Description भी एक बहुत important factor होता है इस section में हमें अपने उस page के सारे content का summary बनाना होता है और हमें इसका length 145-160 characters के बीच में ही रखना होता है और इतने ही characters में हमें अपना keyword use करना होता है, क्यूंकि अगर हमने इससे ज्यादा character type किया तो भी Search Engine limited content ही description में show करेगा और अगर आपने अपना keyword 160 characters के बाद mention किया तो crawler उसको read नहीं करेगा.

H1 Heading tag: 

On-page SEO checklist 2018 में H1 heading का बहुत important होता है और H1 tag का use 1 page में 1 बार ही करना होता है, अब आप ये सोच रहे होंगे कि क्यू एक बार ही use करना होता है तो जैसा हम सभी जानते है कि जब हम किसी article या Web page को पढ़ते है तो हम Fonts के size और weight को देख कर जान जाते है कि उस article या Web page में क्या main heading है और क्या sub heading है. लेकिन crawler को कैसे पता चलेगा कि क्या हमारा main content है इसलिए हम H1 tag का उपयोग करते है.

Note: हमें हमेशा H1 में अपना keyword use करना चाहिए क्यूंकि as a user जब हम Search Engine में कोई भी keyword type करेंगे तो crawler सबसे पहले Title और H1 tag ही check करता है कि किस article का H1 tag user द्वारा search किया गया keyword से match करता है फिर crawler उस article को सबसे ऊपर Index करेगा. इसलिए आप इस बात को ध्यान में रखे और अपने H1 heading में keyword का मिश्रण जरूर करें.

Meta Tags: 

ये tag भी बहुत important tag होता है, Meta tag के जरिये ही हम अपने website का information crawler को देते है| और इसमें बहुत से type के अलग-अलग Meta tags होते है और सब के अपने अलग काम होते है.

Meta tags को हम Head section के अन्दर लिखते है- 

<html>
          <head>
                   <title> Page title </title>
                   <meta name “Keyword” content=” SEO Tutorials, On-page SEO Tutorials” />
         </head>
         <body>
         </body>
</html>

Note: ऊपर दिए गए coding में meta tags को समझते है, meta name “Keyword” हमारा meta type है और content=” SEO Tutorials, On-page SEO Tutorials, SEO Tutorials for the beginner” ये सारे हमारे keywords है.

<meta name “description” content=” Keyword 1, Keyword 2>

अपने web page के content को लिखना होता है , जो आपको अधिकतम 160 characters से ज्यादा नहीं लिखना चाहिए ” />

<meta http-equiv “refresh” content=” 5″ />

इसका tag का मतलब होता है कि आप का webpage हर 5 seconds के बाद refresh हो जायेगा बिना user के browser को Disturb किए हुए|

<meta name “author” content=” Technical Sahayata” /> 

इस tag का उपयोग हम इसलिए करते है कि जैसे कोई user अपने browser में “Technical Sahayata” type करेगा तो भी उसको मेरा page आने का chances रहता है, आप अपना नाम भी डाल सकते है|

<meta http-equiv “content-type” content=”text/html; charset=UTF-8″ /> 

इस tag के माध्यम से हम Search Engine को ये बताने की कोशिश करते है कि हमारा webpage किस language में बनी है

<meta name=”viewport” content=”width=device-width, initial-scale=1″>

इस tag के माध्यम से हम अपने Search Engine को बताते है कि हमारा website छोटी devices जैसे mobile और tablet में भी अच्छे से खुलता है|
क्यूंकि अब Search Engine छोटे devices को भी priority देता है अगर आपने small devices के लिए अपने blog या website को optimize नहीं किया है तो search engine कभी भी आपके webpage को ऊपर लेकर नहीं आएगा|

Image Optimization:

जब भी हम कोई article या website create करते है तो हमें अपने website में use किये गए images को perfect तरीके से use करना चाहिए क्यूंकि On-page SEO में image optimization major role निभाता है, इसलिए हमें अपने website में use किये गए हर image size कम करना चाहिए वो भी बिना quality loss किये|
अगर कोई user हमारे website में आता है और image खुलने में ज्यादा समय लगता है तो वो user आपके website को छोड़कर चला जायेगा और आपका Bounce rate बढेगा और ऐसे में Search Engine आपके website का Ranking इसलिए drop कर देगा क्यूंकि उसको लगेगा की user ज्यादा देर तक रुक नहीं रहा है इसका मतलब website उस keyword के relavant नहीं है|
Image को optimize करने के लिए यहाँ click करें|

Alternative text (Alt tag): 

जब भी हम कोई image use करें तो हमें चाहिए की उस image का alternative text का use जरूर करना चाहिए. 

ऐसा इसलिए कि 

User image देखकर जान जाता है कि image किस type का है लेकिन Search Engine को सिर्फ text समझ में आता है, और अगर हम Alt tag या Alernative text का use नहीं करेंगे तो Search Engine को समझ में नहीं आएगा और वो आपके webpage को top पर Index नहीं करेगा|

Unique Content: 

आप कितना भी On-page SEO और Off-page SEO में मेहनत कर लो लेकिन जब तक आपके website या blog में use किया गया content unique नहीं होगा तब तक आपका SEO का पूरा Result आपको नहीं मिलेगा.

इसीलिए कहा भी गया है कि “Content is king” और इस बात को SEO experts भी agree करते है|
वैसे बहुत से paid and free tools market में available है जिससे कि हम किसी दुसरे का content कॉपी करके tools के सहायता से content ही change कर देते है लेकिन ये process आपके content को difficult बना देता है क्यूंकि ये tools आपके copy किये हुए content का synonyms use कर लेता है, Content तो नया हो जाता है लेकिन readabilty difficult हो जाता है|

Bold/Italic tag: 

Bold और Italic आपके paragraphs में use किये गए content को highlight करता है जो कि visitors को जल्दी नजर आ जाता है और Search Engine भी समझ जाता है कि ये कोई main keyword है जिसे की आप highlight करना चाहते है|

तो जब कभी भी हम webpage या article बनाये तो हमें Bold/Italic का use कर ही लेना चाहिए लेकिन याद रखे main content को ही Bold या Italic में रखे|

Hyperlink और Anchor text का उपयोग कैसे करे?

ये तो हम सब जानते है कि Hyperlink और Anchor text का उपयोग हम तभी करते है जब हम किसी दुसरे webpage पर redirect करने के लिए करते है|
लेकिन यहाँ पर मैं यह कहना चाहता हूँ कि जब हम किसी word पर Hyperlink देते है तो वो शब्द उसी content के related होना चाहिए| for example, हमारा एक article है उसमे एक word (digital marketing company in chennai) है और अगर हम इस word पर Hyperlink use किये और जो नया पेज खुला अगर वो digital marketing company के जैसा ही होना चाहिए|

Canonical Issue: 

चलिए On-page SEO के इस metric को हम example में बताते है, जिससे कि आप 1 बार में ही canonical issue समझ जाएँ और भविष्य में इस बात का ध्यान रखेंगे, तो चलिए शुरू करते है:
1. https://www.yourwebsite.com
2. www.yourwebsite.com
3. yourwebsite.com
4. http://www.yourwebsite.com

Note: तो हमने ऊपर 4 अलग- अलग URL देखा लेकिन चारो website 1 ही है, बस थोडा सा changes है सब में, यहाँ समझने वाली बात ये है कि जब भी हम इन चारो में से कोई भी URL अपने browser में hit करें तो URL हर बार एक ही आना चाहिये|
अगर हर बार अलग अलग URL पर redirect होगा तब जान लीजिये कि आपके website में canonical issue है | और ऐसे में Search Engine आपके website को suspend भी कर सकता है क्यूंकि Search Engine को लगता है कि ये चारो website अलग-अलग है और content कॉपी किया गया है और ऐसे में ये हमारे On-page SEO के efforts को कमजोर कर देता है.

Broken link/404 page not found: 

इसका मतलब यह होता है कि आज हमने अपने blog पर कोई article publish किया और कुछ दिनों के बाद हम उस article को delete कर दें|
जब हम कोई article publish करते है तो उसका एक URL generate होता है, और उस URL के ऊपर जब को click करता है तो आपके उस article पर redirect हो जाते है| लेकिन जब हम उस article को delete कर देते है, उसके बाद अगर कोई visitors आपके उस links पर click किया तो क्या होगा? तब हमें browser के जरिये एक message आएगा, जो हमको बताता है की “page not found”

ऐसे में हम क्या करें?

तो हमको चाहिए हम एक image पहले से बनाकर अपने blog या website पर रख ले, जिससे कि अगर Users किसी ऐसे page को open करता है तो उसको वो image display हो, और निचे या कही भी एक Button होना चाहिए जिसपर click करके वह आसानी से आपके website या blog पर redirect हो सके|

On-page SEO में यह भी बहुत important metric है, जिसका हमको ध्यान रखना ही होगा|

Keyword Density: 

Keyword Density का मतलब होता है कि अपने main keyword का सही उपयोग करना, सही उपयोग का मतलब कि अपने website पर keyword 2% से 2.50 % तक ही use करना.

For example, अगर आपके article का size 1000 words है तो आपको अपने keyword का उपयोग 20-25 बार से ज्यादा नहीं होना चाहिए|

Keyword Proximity: 

Keyword proximity का मतलब होता है कि कैसे हम अपने long tail keywords का use करते है. 

For example,

1. Express article launches the mobile application. (High Proximity Keyword)

2. Express article launches the application for mobile. (Low Proximity Keyword)

Note: यहाँ पर हमारा keyword है “mobile application” और आप देख सकते है कि दोनों examples में कैसे हमने अपने keyword का इस्तेमाल किया है| तो हमें कभी भी High Proximity Keyword का ही use करना करना है.

Keyword Prominence: 

Keyword prominence का मतलब हमें अपने keyword का proper जगह पर use करना होता है for example,
1. अपने targeted keyword का title section में एक बार जरूर करें.
2. अपने targeted keyword का URL section में भी उपयोग करें.
3. अपने targeted keyword का Permalink में भी use करें.
4. article के first paragraph में अपने targeted keyword का इस्तेमाल जरूर करें.
5. अपने targeted keyword का H1 और H2 tag में भी use करें.

Grammar & Spelling: 

जब कोई हम article लिखते है तो हमें Grammar और Spelling जरूर ही check करना चाहिए, क्यूंकि Search Engine Grammar और Spelling को बहुत तवज्जो देता है On-page SEO में.

Sitemap.xml: 

Sitemap.xml के उपयोग से ही हम अपने webpages को Search Engine में listing करा पाते है, निचे दिए गए image को देखे और समझे की Sitemap.xml क्या होता है?
यहाँ से अपने website के लिए sitemap.xml generate करें|

Robots.txt: 

ज़ब हम किसी page का indexing Search Engine में नहीं कराना चाहते है तब हम Robots.txt का उपयोग करते है|
Example –

1. जब हम किसी भी web page या URL को block नहीं करना चाहते है, तो

User-agent: *

Disallow:

या ( कोई एक ही )

User-Agent: *

Allow: /

2. जब हम सारे web page या URL को block करना चाहते है, तो

User-agent: *

Disallow: /

3. जब हम किसी एक web page या URL को block करना चाहते है| for example, यहाँ पर हम अपने contact-us पेज को index नही करना चाहते है, तो ऐसे लिखेंगे

User-agent: *

Disallow: /contact-us

Note: इनमे से हम अपने जरूरत के अनुसार कोई भी एक type का select करते है और उसको हम .txt के format में ही save करना hoga.

Mobile Friendly SEO: 

आज के समय में इस metric का ध्यान तो हमें miss ही नहीं करना चाहिए क्यूंकि आज के समय में लगभग सब लोगों के पास android mobiles या कोई दूसरा smartphones रहता ही रहता है, तो ऐसे में हमें इसके बारे में कुछ ज्यादा ही ध्यान रखना चाहिए .

For example, हमारे पास कोई website है and वो laptop और Computer में बिल्कुल ही खुलता है लेकिन जब हम बात करते हैं कि ये हमारा website mobile में भी बराबर से open हो तो बहुत सारे developers आपके content को hide करके mobile device के लिए भी बना देते है, लेकिन हमको ये याद रखना होगा कि हमारा कोई भी Important section छूटना नहीं चाहिए.

Mobile Friendly SEO के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है-

1. Font मोबाइल screens में भी बराबर दिखना चाहिए.
2. Buttons ज्यादा छोटा नहीं होना चाहिए, जिससे की users को परेशानी न होने पाए.
3. <meta name=”viewport” content=”width=device-width, initial-scale=1″> इस tag को हमें अपने header section में जरूर use करना चाहिए, जिससे की हम Eearch Engine को बता सकें की हमारा website मोबाइल के लिए भी बनाया गया है|
4. Content का layout गड़बड़ नहीं होना चाहिए.

Website Speed Load time:

जब हम अपना website बनाते है तो उसका speed भी अच्छा होना चाहिए, क्यूंकि अगर आपका website Search Engine के अनुसार load नहीं होता है तो Search Engine आपके website को penalize कर देते है.

और दूसरा reason ये भी है कि अगर हमारा websie ज्यादा समय लेगा तो user परेशान होकर आपके website को छोड़कर चला जायेगा और ऐसे में Search Engine आपके रैंकिंग को drop कर देगा| इसलिए On-page SEO में हमें इसका भी ध्यान रखना चाहिए.

SSL Certification:

ये metrics अभी recently काफी major role play करने लगा है On-page SEO में, Search Engines ऐसे blogs या website को पहले index करते है जो SSL certified websites है.

क्या है SSL Certification?

अगर आप एक web developer है तो आपको पता ही होगा अगर नहीं है तो हम आप को बताते है, जब हम कोई URL browser में hit करते है और अगर वो https से start होता है तो वो SSL certified website होता है|

Friends कैसा लगा आपको On page SEO checklist 2019. मैंने इसमें हर छोटी-बड़ी topics explain करने कि कोशिश किया हूं, जिससे कि आपको On page SEO से जुड़े सारे चीज़ आसानी से समझ में आये. आपके पास कोई सुझाव या सवाल है तो आप हमें comment Section में लिखें, हम आपके सवाल को जवाब जरूर दूंगा.

3 thoughts on “On page SEO checklist 2019 in Hindi

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